दिन में टीचर, रात में सौतेला भाई
नायक गलती से एक गे बार में पहुंच जाता है, जहां एक नकाबपोश अजनबी उसके साथ फ्लर्ट करता है और उसे बांध देता है। नायक वहां से भाग निकलता है, लेकिन सेंट हर्स्ट पुलिस अकादमी में पहुंचकर उसी अजनबी जैसे शख्स को देखता है। वह हाई कमिश्नर और अपना नया सौतेला भाई निकलता है। अब नायक को पता लगाना है कि क्या वही नकाबपोश था और उसके मन में उठ रही भावनाओं का सच क्या है।